Yoga for Bloating : आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में खुद के लिए समय निकालना कितना मुश्किल हो गया है! ऊपर से अनहेल्दी खानपान और रातों को देर तक जागने की आदत ने पेट की समस्याओं को और बढ़ा दिया है। गैस, कब्ज और पेट फूलने की शिकायत अब आम हो चुकी है। लोग डॉक्टरों के चक्कर काटते हैं, लेकिन असली समाधान है अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव लाना। बाबा रामदेव हमेशा कहते हैं कि कुछ आसान योगासन रोज़ करने से पेट की सारी दिक्कतें दूर हो सकती हैं।
योगासन क्यों हैं ज़रूरी?गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी का सबसे पहला असर हमारे पाचन तंत्र पर पड़ता है। नतीजा? गैस बनना, पेट का भारीपन और फूलना जैसी समस्याएं रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन जाती हैं। लेकिन अच्छी खबर ये है कि बाबा रामदेव के बताए तीन आसान योगासनों को अपनाकर आप इन परेशानियों से निजात पा सकते हैं। ये योगासन न सिर्फ पेट को हल्का रखते हैं, बल्कि कब्ज को भी जड़ से खत्म करने में मदद करते हैं।
पवनमुक्तासन: गैस का कालनाम से ही साफ है कि पवनमुक्तासन शरीर से गैस को बाहर निकालने का सबसे आसान तरीका है। यह योगासन पेट के फूलने की समस्या को कम करता है और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है। इसे करना भी बेहद आसान है। पीठ के बल लेट जाएं, अपने घुटनों को मोड़कर छाती से लगाएं और दोनों हाथों से उन्हें पकड़ लें। अब माथे को घुटनों से मिलाने की कोशिश करें। बस, रोज़ाना कुछ मिनट इस आसन को करें और देखें कि आपका पेट कितना हल्का और साफ रहने लगता है।
अर्धमत्स्येन्द्रासन: कब्ज को कहें अलविदाअगर कब्ज की समस्या आपको परेशान कर रही है, तो अर्धमत्स्येन्द्रासन आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। यह ट्विस्टिंग योगासन पाचन अंगों को एक्टिव करता है और आंतों की सफाई में मदद करता है। इसे करने के लिए जमीन पर बैठें, पैरों को आगे फैलाएं। फिर एक पैर को मोड़कर दूसरे पैर के ऊपर से बाहर निकालें। हाथों की पोजीशन और कमर को घुमाने में थोड़ी प्रैक्टिस चाहिए, लेकिन इसका असर जल्दी दिखता है। यह आसन न सिर्फ पेट को दुरुस्त रखता है, बल्कि लीवर और किडनी को भी मज़बूत करता है।
वज्रासन: खाने के बाद का जादूवज्रासन तो हर कोई जानता है, और इसकी सबसे खास बात ये है कि इसे खाने के बाद भी किया जा सकता है। यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और कब्ज, गैस या एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर रखता है। इसे करने के लिए घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठ जाएं, पीठ को सीधा रखें और कुछ देर गहरी सांसें लेते हुए ध्यान करें। रोज़ाना 5–10 मिनट वज्रासन करने से आपको फर्क साफ दिखेगा।